वैश्विक व्यापार एवं अर्थव्यवस्था
अमेरिका का व्यापार आक्रामक रुख
अमेरिका ने भारत और ब्राज़ील पर 50% तक के टैरिफ़ लागू कर दिए हैं। भारत पर अतिरिक्त 25% शुल्क से अब कुल टैरिफ़ 50% तक पहुँच गया है। यह कदम वैश्विक व्यापार ढांचे को चुनौती दे रहा है।
भारत के हीरा उद्योग पर इसका सीधा असर देखा गया है, खासकर सूरत जैसे शहरों में। यहाँ हज़ारों लोग बेरोज़गार हो चुके हैं और लाखों की रोज़ी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है।
रूस–यूक्रेन संघर्ष
शांति प्रयास और युद्ध की हकीकत
अमेरिका के विशेष दूत ने संकेत दिया है कि अगले दो हफ्तों में रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता के प्रयास किए जाएंगे। हालाँकि, रूस के राष्ट्रपति अभी वार्ता के लिए तैयार नहीं दिखते।
युद्धक्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। रूस लगातार ड्रोन हमलों को अंजाम दे रहा है और यूक्रेन रूसी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर रहा है।
यूरोपीय सहयोग की पहल
फ्रांस और ब्रिटेन ने मिलकर “Coalition of the Willing” नाम से एक गठबंधन तैयार किया है, जिसमें 25 से अधिक देश शामिल हैं। इसका उद्देश्य भविष्य में यूक्रेन को स्थायी सुरक्षा गारंटी देना और जरूरत पड़ने पर सैन्य बल तैनात करना है।
मोर्चों की स्थिति
- दोनबास क्षेत्र में रूस ने बड़ी सैन्य कार्रवाई की, लेकिन यूक्रेन ने कई क्षेत्रों को वापस जीत लिया।
- सुमी क्षेत्र में भी रूस ने घुसपैठ की, लेकिन यूक्रेन ने कड़ा प्रतिरोध किया और नियंत्रण फिर से हासिल कर लिया।
ताइवान और चीन
बढ़ते तनाव और रक्षा तैयारियाँ
ताइवान ने रक्षा बजट में 23% की वृद्धि की है, जिससे अब यह जीडीपी का 3.3% हो गया है। चीन ने अपनी विशाल सैन्य परेड में आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किया, जिनमें हाईपरसोनिक मिसाइल और अंडरसी ड्रोन शामिल थे।
तकनीकी और आर्थिक महत्व
ताइवान की सेमीकंडक्टर कंपनियाँ दुनिया की AI चिप्स सप्लाई का 90% से अधिक हिस्सा तैयार करती हैं। चीन इस क्षेत्र में पकड़ मजबूत करना चाहता है, लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगी लगातार दबाव बना रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- अमेरिका ने चीन द्वारा ताइवान के पास नए हवाई मार्ग बनाने का विरोध किया है।
- अमेरिकी संसद ने “Taiwan Conflict Deterrence Act” पास किया है, जिसके तहत ताइवान पर हमला होने पर चीन के शीर्ष नेताओं की आर्थिक संपत्तियाँ उजागर की जा सकती हैं।
वैश्विक वित्तीय बदलाव
दुनिया भर में अब पारंपरिक भुगतान प्रणाली SWIFT के विकल्प तलाशे जा रहे हैं। चीन ने CIPS और डिजिटल करेंसी (CBDC) को आगे बढ़ाया है। कई एशियाई और अफ्रीकी देश इन नेटवर्क्स में शामिल हो रहे हैं, जिससे वैश्विक वित्तीय व्यवस्था पश्चिम और गैर-पश्चिमी खेमों में बँटती नज़र आ रही है।
निष्कर्ष: बदलता हुआ वैश्विक परिदृश्य
2025 की दूसरी छमाही में दुनिया एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है।
- अमेरिका की टैरिफ़ नीतियाँ वैश्विक व्यापार को हिला रही हैं।
- रूस–यूक्रेन युद्ध अभी थमा नहीं है, लेकिन शांति वार्ताओं की कोशिश जारी है।
- ताइवान और चीन का तनाव एशिया की सुरक्षा और तकनीकी भविष्य को प्रभावित कर रहा है।
- वैश्विक वित्तीय ढांचा नए रूप में सामने आ रहा है, जहाँ डिजिटल करेंसी और वैकल्पिक नेटवर्क मज़बूत हो रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह दौर भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा, आर्थिक तनाव और तकनीकी वर्चस्व की लड़ाई से भरा हुआ है। आने वाले महीनों में यह तय होगा कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
