ट्रंप–ज़ेलेंस्की बैठक (व्हाइट हाउस, 18 अगस्त 2025)
तारीख और स्थान: यह बैठक सोमवार, 18 अगस्त 2025 को वॉशिंगटन डी.सी. स्थित व्हाइट हाउस में हुई। इसमें अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप (जो 2024 चुनाव के बाद दूसरी बार राष्ट्रपति बने) ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की का स्वागत किया। बैठक में कई यूरोपीय नेता भी शामिल हुए, जिनमें फ्रांस के इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के फ्रेडरिक मर्ज़ शामिल थे। इस बैठक को रूस-यूक्रेन युद्ध पर शांति वार्ता की दिशा में अहम कदम माना गया।
उद्देश्य/एजेंडा:
बैठक का मुख्य उद्देश्य रूस के आक्रमण को समाप्त करने के लिए शांति का रास्ता निकालना था।
- ट्रंप ने इसे “एक बहुत अच्छा, शुरुआती कदम” बताया।
- एजेंडा में शामिल थे:
- यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी
- रूस की भू-भाग संबंधी मांगें
- भविष्य की शांति वार्ता (ट्रंप ने सीधे पुतिन से भी बात की और ज़ेलेंस्की–पुतिन बैठक तय करने की कोशिश की)।
मुख्य चर्चा बिंदु:
- सुरक्षा गारंटी:
ट्रंप ने ज़ेलेंस्की को आश्वासन दिया कि अमेरिका “बहुत अच्छी सुरक्षा और सुरक्षा गारंटी” देगा। हालांकि उन्होंने कहा कि यूरोप को ज्यादा ज़िम्मेदारी उठानी होगी, लेकिन अमेरिका भी सहयोग करेगा। ज़ेलेंस्की ने इसे “बहुत बड़ा कदम” बताया और कहा कि जल्द ही इसे लिखित समझौते में बदला जाएगा। उन्होंने अमेरिका से लगभग 90 अरब डॉलर के हथियार पैकेज (लड़ाकू विमान, एयर डिफेंस सिस्टम आदि) की मांग रखी। - युद्धविराम बनाम शांति समझौता:
यूरोपीय नेताओं ने कहा कि पहले युद्धविराम होना चाहिए, उसके बाद ही शांति समझौते की बात आगे बढ़ सकती है। लेकिन ट्रंप ने संकेत दिया कि वे बिना युद्धविराम के भी शांति वार्ता करवा सकते हैं। - भू-भाग संबंधी मुद्दा:
ट्रंप ने सुझाव दिया कि यूक्रेन को डोनबास और क्रीमिया का कुछ हिस्सा रूस को सौंप देना चाहिए।
लेकिन ज़ेलेंस्की ने इसे साफ़ तौर पर खारिज किया। उन्होंने कहा कि “यूक्रेन कभी अपनी ज़मीन नहीं छोड़ेगा, यह फैसला केवल जनमत संग्रह से होगा।” - अगले कदम (तीन-तरफ़ा बैठक):
ट्रंप ने घोषणा की कि उन्होंने पुतिन से फोन पर बात की और ज़ेलेंस्की–पुतिन की सीधी बैठक अगले दो हफ्तों में कराने पर सहमति बनाई। उसके बाद त्रिपक्षीय बैठक (ट्रंप–पुतिन–ज़ेलेंस्की) होगी।
ज़ेलेंस्की ने भी कहा कि “मैं किसी भी प्रारूप के लिए तैयार हूँ – पहले पुतिन के साथ, फिर त्रिपक्षीय बैठक।” - कैदियों और मानवीय मुद्दे:
चर्चा में युद्धबंदियों और रूस द्वारा ले जाए गए यूक्रेनी बच्चों को वापस लाने का मुद्दा भी शामिल था। ट्रंप ने कहा कि यह वैश्विक मानवीय संकट है और बच्चों को तुरंत लौटाया जाना चाहिए।
मीडिया कवरेज और प्रतिक्रिया:
- अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस बैठक को “ऐतिहासिक और असामान्य” बताया।
- फरवरी 2025 की पिछली तनावपूर्ण बैठक की तुलना में इस बार माहौल सकारात्मक रहा।
- ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह “हमारी सबसे अच्छी बैठक थी” और इसे “यूरोप और अमेरिका की सच्ची एकता का प्रदर्शन” बताया।
- हालांकि आलोचकों ने चेतावनी दी कि ट्रंप की शांति योजना से यूक्रेन पर ज़मीन छोड़ने का दबाव बन सकता है।
- अमेरिकी डेमोक्रेटिक नेताओं और कुछ यूरोपीय मीडिया ने पुतिन की मंशा पर संदेह जताया और कहा कि रूस शायद सिर्फ समय खींच रहा है।
आधिकारिक बयान:
- ट्रंप ने कहा: “अमेरिका यूक्रेन को बहुत अच्छी सुरक्षा देगा और हम यूरोप के साथ मिलकर काम करेंगे।”
- बैठक के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने पुतिन को कॉल किया और ज़ेलेंस्की के साथ उनकी बैठक तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- ज़ेलेंस्की ने ट्वीट कर कहा कि “यह बैठक लंबी और विस्तृत थी… अमेरिका की ओर से सुरक्षा गारंटी का संकेत बहुत अहम है।”
👉 कुल मिलाकर, यह बैठक शांति वार्ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण लेकिन शुरुआती कदम मानी जा रही है। अब सबकी निगाहें ट्रंप की मध्यस्थता में होने वाली ज़ेलेंस्की–पुतिन सीधी बैठक पर टिकी हैं।
