लोकसभा मानसून सत्र का गरम अंत: विरोध और विधायी उपलब्धियाँ
परिचय
आज लोकसभा का मानसून सत्र विवादों और शोरगुल के बीच समाप्त हुआ। सत्र के दौरान सरकार ने कई अहम विधेयक पारित कराए, वहीं विपक्ष ने कई मुद्दों पर जोरदार विरोध दर्ज कराया।
सत्र का समापन और कार्यवाही
- मानसून सत्र का समापन adjourned sine die के साथ हुआ।
- विपक्ष ने SIR मुद्दे पर शोरगुल और नारेबाज़ी की, जिससे कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
- लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने विपक्षी दलों के इस व्यवहार पर कड़ी नाराज़गी जताई।
प्रमुख विधायी उपलब्धियाँ
- Online Gaming Bill, 2025 – रियल मनी गेम्स पर नियंत्रण और ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा।
- Constitution (130th Amendment) Bill, 2025 – अपराध में फँसे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान।
- IIM गुवाहाटी बिल – भारत का 22वाँ IIM स्थापित होगा।
- Income-tax Act, 2025 – टैक्स सुधार के नए प्रावधान।
- National Sports Governance Act, 2025 – खेलों में पारदर्शिता और सुधार की दिशा।
- Merchant Shipping Act, 2025 – समुद्री व्यापार से जुड़े नियमों में बदलाव।
विपक्ष का विरोध और तनावपूर्ण माहौल
- विपक्ष ने SIR मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी और लगातार प्रदर्शन किया।
- विशेष रूप से प्लेकार्ड और शोर-शराबे की वजह से कार्यवाही प्रभावित रही।
- विपक्ष ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि पर विशेष चर्चा का बहिष्कार भी किया।
स्पीकर की टिप्पणी
- ओम बिड़ला ने कहा कि केवल 419 में से 55 सवालों का ही जवाब दिया जा सका।
- उन्होंने व्यवधान को “लोकतंत्र की गरिमा को नुकसान” बताया और सांसदों से जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
निष्कर्ष
लोकसभा का यह मानसून सत्र एक तरफ़ विधायी उपलब्धियों का गवाह बना तो वहीं दूसरी ओर विरोध और गतिरोध से भी प्रभावित रहा। आने वाले सत्रों में यह देखना अहम होगा कि क्या संसद सकारात्मक बहस और पारदर्शिता की ओर लौट पाती है या राजनीतिक तनाव और बढ़ेगा।
